ये 10 Lifestyle Habits शरीर में Iron की कमी बढ़ा सकती हैं, आज ही सुधारें

On: August 16, 2026 11:36 AM
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शरीर में आयरन की कमी बढ़ाने वाली 10 आदतें

शरीर में आयरन की कमी को अक्सर सिर्फ खान-पान की कमी से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन कई बार समस्या केवल यह नहीं होती कि हम कितना आयरन खा रहे हैं, बल्कि यह भी मायने रखता है कि हमारा शरीर उस आयरन को कितनी अच्छी तरह ग्रहण कर पा रहा है और शरीर से आयरन कहीं ज्यादा मात्रा में निकल तो नहीं रहा।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति रोज आयरन से भरपूर भोजन करता है लेकिन हर भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीता है, तो भोजन से मिलने वाले आयरन का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। इसी तरह बहुत कम खाना, बार-बार भोजन छोड़ना या लंबे समय तक बहुत सीमित आहार लेना भी शरीर को जरूरी पोषक तत्वों से दूर कर सकता है।

कुछ आदतें सीधे आयरन की कमी का कारण नहीं होतीं, लेकिन वे जोखिम बढ़ा सकती हैं या पहले से मौजूद कमी को सुधारना मुश्किल बना सकती हैं। इसलिए अगर आपको पहले से आयरन की कमी है या उसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो केवल आयरन की गोली पर निर्भर रहने के बजाय अपनी रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

आयरन की कमी सिर्फ कम आयरन खाने से नहीं होती

आयरन की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। भोजन में आयरन की कमी एक कारण है, लेकिन शरीर से रक्त की लगातार कमी होना, आयरन का ठीक से अवशोषित न होना और शरीर की जरूरत बढ़ जाना भी महत्वपूर्ण कारण हैं।

महिलाओं में बहुत ज्यादा मासिक रक्तस्राव आयरन की कमी का एक सामान्य कारण हो सकता है। गर्भावस्था में शरीर की आयरन की जरूरत बढ़ जाती है। वहीं कुछ पाचन संबंधी समस्याओं में भोजन से आयरन का अवशोषण कम हो सकता है।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति में बार-बार आयरन की कमी हो रही है, तो केवल यह मान लेना कि वह सही खाना नहीं खाता, उचित नहीं होगा। सही कारण समझना भी जरूरी है।

कौन-सी Lifestyle Habits शरीर में Iron की कमी बढ़ा सकती हैं?

1. खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीना

भारत में खाना खाने के बाद चाय पीने की आदत बहुत आम है। लेकिन अगर आपकी डाइट में आयरन की कमी है, तो इस आदत पर ध्यान देना जरूरी है। चाय और कॉफी में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि आपको चाय या कॉफी पूरी तरह छोड़नी होगी। बेहतर तरीका यह है कि इन्हें आयरन से भरपूर भोजन के तुरंत साथ न लें। खासकर अगर डॉक्टर ने आपको आयरन की कमी बताई है या आप आयरन की दवा ले रहे हैं, तो चाय और कॉफी के समय में पर्याप्त अंतर रखना उपयोगी हो सकता है।

2. रोज के भोजन में Iron Rich Foods को नजरअंदाज करना

अगर आपकी रोज की थाली में दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, मेवे या अन्य आयरन वाले खाद्य पदार्थ बहुत कम हैं, तो लंबे समय में शरीर को पर्याप्त आयरन न मिलने का खतरा बढ़ सकता है।

सिर्फ एक दिन पालक खाने या कभी-कभार चना खाने से पूरी डाइट संतुलित नहीं हो जाती। आयरन की जरूरत पूरी करने के लिए अलग-अलग खाद्य स्रोतों को नियमित भोजन का हिस्सा बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

शाकाहारी भोजन लेने वाले लोग दालों, फलियों, तिल, मेवों और हरी सब्जियों को बदल-बदलकर शामिल कर सकते हैं। इससे भोजन भी विविध रहेगा और कई पोषक तत्व एक साथ मिलेंगे।

3. Crash Diet या बहुत कम खाना

वजन कम करने के लिए बहुत कम खाना या लंबे समय तक अत्यधिक सीमित आहार लेना भी पोषण की कमी का कारण बन सकता है। जब व्यक्ति भोजन की मात्रा बहुत ज्यादा कम कर देता है, तो केवल कैलोरी ही नहीं बल्कि आयरन, प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों का सेवन भी कम हो सकता है।

खासकर ऐसी डाइट जिसमें पूरे-पूरे खाद्य समूह हटा दिए जाते हैं, लंबे समय तक अपनाने पर समस्या पैदा कर सकती है। वजन कम करना हो तो भी भोजन की गुणवत्ता और पोषण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

संतुलित मात्रा में अनाज, दालें, सब्जियां, फल, प्रोटीन और जरूरत के अनुसार वसा शामिल करके वजन नियंत्रित करना ज्यादा टिकाऊ तरीका है।

4. बार-बार भोजन छोड़ना

नाश्ता, दोपहर का भोजन या रात का खाना बार-बार छोड़ने की आदत सीधे आयरन की कमी पैदा नहीं करती, लेकिन इससे पूरे दिन का पोषण कम हो सकता है। खासकर जब भोजन छोड़ने के बाद व्यक्ति भूख लगने पर केवल चाय, बिस्किट, नमकीन या दूसरे कम पोषक खाद्य पदार्थों पर निर्भर करता है।

अगर आप किसी कारण से एक समय का भोजन नहीं कर पाते, तो बाकी भोजन को पौष्टिक बनाना जरूरी है। दाल, चना, सब्जियां, प्रोटीन और आयरन वाले खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से शामिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

5. बहुत ज्यादा Junk Food पर निर्भर रहना

पैकेट वाले स्नैक्स, तले हुए खाद्य पदार्थ, मीठे पेय और फास्ट फूड कभी-कभार खाने में कोई खास समस्या नहीं है। समस्या तब होती है जब ये चीजें रोज के भोजन का बड़ा हिस्सा बन जाती हैं और दाल, सब्जियां, फल, अनाज तथा प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों की जगह ले लेती हैं।

ऐसी डाइट पेट तो भर सकती है, लेकिन जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा मिलना जरूरी नहीं है। अगर रोज के भोजन में पोषण कम है, तो आयरन सहित कई दूसरे पोषक तत्वों की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए बाहर का खाना पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। बस रोज की थाली में पौष्टिक भोजन की हिस्सेदारी ज्यादा रखनी चाहिए।

6. Iron वाले भोजन के साथ Vitamin C को नजरअंदाज करना

यह एक ऐसी आदत है जिस पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं। खासकर पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में Vitamin C मदद कर सकता है।

उदाहरण के लिए चना, राजमा या दाल के साथ नींबू, टमाटर, अमरूद, संतरा या दूसरी Vitamin C वाली चीजें लेना एक आसान तरीका हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर भोजन के साथ Vitamin C की गोली लेने की जरूरत है।

सामान्य भोजन में Vitamin C वाले फल और सब्जियां शामिल करना काफी उपयोगी हो सकता है। इससे आपकी थाली अधिक संतुलित भी बनती है।

7. बहुत ज्यादा दूध और डेयरी को भोजन का विकल्प बना लेना

दूध और डेयरी खाद्य पदार्थ पौष्टिक होते हैं और इन्हें स्वस्थ आहार से हटाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा दूध या डेयरी लेता है और इसके कारण दाल, फलियां, सब्जियां और दूसरे आयरन वाले खाद्य पदार्थ कम हो जाते हैं, तो पूरी डाइट का संतुलन बिगड़ सकता है।

इसके अलावा कैल्शियम आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है, खासकर कुछ परिस्थितियों में और विशेष रूप से आयरन सप्लीमेंट के साथ। इसलिए अगर आप आयरन की दवा ले रहे हैं, तो उसके साथ दूध या कैल्शियम सप्लीमेंट लेने के समय के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह का पालन करना बेहतर है।

दूध बंद करना जरूरी नहीं है; बस पूरी डाइट में संतुलन रखना जरूरी है।

8. बहुत ज्यादा शराब का सेवन

अत्यधिक शराब का सेवन शरीर के पोषण और कई अंगों के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से ज्यादा शराब पीता है, उसमें भोजन की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है और शरीर में पोषक तत्वों का संतुलन प्रभावित हो सकता है।

इसलिए अगर आपकी डाइट पहले से कमजोर है और साथ में शराब का सेवन भी अधिक है, तो पोषण संबंधी कमियों का जोखिम बढ़ सकता है।

आयरन की कमी को ठीक करने के लिए केवल आयरन वाला भोजन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। पूरे खान-पान और जीवनशैली को बेहतर बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

9. बहुत ज्यादा व्यायाम करना लेकिन पर्याप्त पोषण न लेना

व्यायाम स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि के साथ पर्याप्त भोजन न लेना समस्या पैदा कर सकता है। खासकर ऐसे लोग जो लंबे समय तक भारी प्रशिक्षण करते हैं और अपनी ऊर्जा तथा पोषक तत्वों की जरूरत के अनुसार भोजन नहीं करते, उनमें आयरन की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए ज्यादा व्यायाम करने वालों को केवल प्रोटीन पर ध्यान देने के बजाय आयरन, विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों वाले भोजन को भी अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

अगर लगातार थकान, प्रदर्शन में कमी या चक्कर जैसी समस्या होने लगे, तो इसे केवल ज्यादा व्यायाम का परिणाम मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

10. बहुत ज्यादा मासिक रक्तस्राव को सामान्य मानकर छोड़ देना

यह बाकी आदतों से थोड़ा अलग है, लेकिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर हर महीने मासिक रक्तस्राव बहुत ज्यादा होता है या सामान्य से ज्यादा दिनों तक चलता है, तो शरीर से लगातार आयरन की कमी हो सकती है।

कई महिलाएं इसे वर्षों तक सामान्य मानकर सहती रहती हैं और बाद में थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ आयरन वाले खाद्य पदार्थ खाना पर्याप्त नहीं हो सकता।

अगर मासिक रक्तस्राव बहुत ज्यादा है, तो उसके कारण की जांच करवाना जरूरी है। समस्या का कारण पता करके उसका उपचार करना आयरन की कमी को बार-बार होने से रोकने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

Iron Absorption बेहतर करने के आसान तरीके

आयरन की अच्छी मात्रा वाला भोजन करना पहला कदम है, लेकिन भोजन से मिलने वाला आयरन शरीर कितनी मात्रा में इस्तेमाल कर पाता है, यह भी महत्वपूर्ण है। खासकर शाकाहारी भोजन में मौजूद non-heme iron का अवशोषण कुछ खाद्य पदार्थों से प्रभावित हो सकता है।

अपनी डाइट में कुछ आसान बदलाव करके आप आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। दाल, चना, राजमा या हरी सब्जियों के साथ Vitamin C वाली चीजें लेना एक अच्छा विकल्प है। नींबू, अमरूद, संतरा और टमाटर जैसी चीजें आसानी से भोजन में शामिल की जा सकती हैं।

दूसरी तरफ आयरन से भरपूर भोजन के तुरंत साथ चाय या कॉफी लेने की आदत को बदलना उपयोगी हो सकता है। अगर आप आयरन की दवा ले रहे हैं, तो उसके साथ कौन-सी चीजें लेनी हैं और किन चीजों से अंतर रखना है, इसके लिए डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।

क्या सिर्फ Lifestyle बदलने से Iron Deficiency ठीक हो सकती है?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि आयरन की कमी कितनी है और उसका कारण क्या है। अगर किसी व्यक्ति की डाइट में आयरन कम है और कमी हल्की है, तो भोजन में सुधार करने से मदद मिल सकती है।

लेकिन अगर रक्त जांच में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया सामने आ चुका है, तो केवल भोजन बदलना पर्याप्त नहीं भी हो सकता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार आयरन सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आयरन की कमी का कारण पता किया जाए। अगर शरीर से लगातार रक्तस्राव हो रहा है या आयरन का अवशोषण ठीक से नहीं हो रहा, तो केवल सप्लीमेंट लेने से समस्या बार-बार वापस आ सकती है।

Iron की कमी से बचने के लिए रोज की थाली कैसी रखें?

एक अच्छी आयरन-फ्रेंडली डाइट के लिए किसी महंगे या विशेष भोजन की जरूरत नहीं है। भारतीय घरों में मिलने वाली कई सामान्य चीजें इसमें शामिल की जा सकती हैं।

दाल या चना जैसे खाद्य पदार्थों को नियमित भोजन का हिस्सा बनाएं। सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजमा, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियां और तिल जैसे विकल्प शामिल करें। भोजन के साथ Vitamin C वाले फल या सब्जियां लें।

अगर आप अंडे, मांस या मछली खाते हैं, तो इन्हें भी संतुलित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन खाद्य पदार्थों में मौजूद heme iron शरीर द्वारा पौधों से मिलने वाले iron की तुलना में अधिक आसानी से अवशोषित होता है।

सबसे जरूरी बात है विविधता। रोज एक ही चीज खाने की बजाय अलग-अलग आयरन वाले खाद्य पदार्थों को बदल-बदलकर लेना ज्यादा बेहतर तरीका है।

किन लोगों को Iron Deficiency पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?

महिलाओं में, खासकर ज्यादा मासिक रक्तस्राव होने पर, आयरन की कमी का जोखिम बढ़ सकता है। गर्भावस्था के दौरान भी शरीर की आयरन जरूरत बढ़ जाती है, इसलिए इस समय डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच और भोजन पर ध्यान देना जरूरी है।

इसके अलावा बहुत सीमित आहार लेने वाले लोग, बार-बार रक्तदान करने वाले व्यक्ति और कुछ पाचन संबंधी समस्याओं वाले लोगों में भी आयरन की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।

अगर पुरुष या menopause के बाद महिला में आयरन की कमी पाई जाती है और उसका कारण स्पष्ट नहीं है, तो केवल खान-पान बदलकर छोड़ना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से कारण की जांच करवाना जरूरी हो सकता है।

Iron Deficiency के लक्षण दिखाई दें तो क्या करें?

अगर आपको लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज महसूस होना या त्वचा का फीका पड़ना जैसे लक्षण हैं, तो केवल अपनी डाइट देखकर यह तय न करें कि शरीर में आयरन कम है।

इन लक्षणों के पीछे कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार रक्त जांच, जैसे हीमोग्लोबिन और आयरन की स्थिति से जुड़े परीक्षण, कराने की सलाह दे सकते हैं।

बिना जांच के लंबे समय तक आयरन की गोलियां लेना भी सही नहीं है। सही कारण पता करके उसी के अनुसार भोजन और उपचार करना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या चाय पीने से Iron की कमी हो सकती है?

Ans. चाय भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को कम कर सकती है, इसलिए आयरन वाले भोजन के तुरंत बाद चाय पीने से बचना बेहतर है।

2. क्या कॉफी भी Iron absorption कम करती है?

Ans. हां, कॉफी में मौजूद कुछ यौगिक भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं।

3. क्या Vitamin C Iron absorption बढ़ाता है?

Ans. हां, Vitamin C खासकर पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में मदद करता है।

4. क्या Crash Diet से Iron deficiency हो सकती है?

Ans. बहुत सीमित आहार में पर्याप्त आयरन और दूसरे पोषक तत्व न मिलने से कमी का जोखिम बढ़ सकता है।

5. क्या बहुत ज्यादा दूध पीने से Iron की कमी हो सकती है?

Ans. बहुत ज्यादा डेयरी लेने से आयरन वाले खाद्य पदार्थों की जगह कम हो सकती है और कैल्शियम कुछ परिस्थितियों में आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।

6. क्या महिलाओं में Iron deficiency ज्यादा होती है?

Ans. ज्यादा मासिक रक्तस्राव और गर्भावस्था जैसी स्थितियों में महिलाओं की आयरन जरूरत और कमी का जोखिम बढ़ सकता है।

7. क्या सिर्फ खाना बदलकर Iron deficiency ठीक हो सकती है?

Ans. हल्की कमी में मदद मिल सकती है, लेकिन एनीमिया या गंभीर कमी होने पर डॉक्टर की सलाह और सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है।

8. क्या Iron tablets खुद से शुरू करनी चाहिए?

Ans. नहीं, लंबे समय तक आयरन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह और जरूरत के अनुसार जांच करवाना बेहतर है।

निष्कर्ष

शरीर में आयरन की कमी केवल इस वजह से नहीं होती कि हम आयरन वाला भोजन कम खाते हैं। हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें भी स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीना, बहुत सीमित आहार लेना, लगातार भोजन छोड़ना और आयरन वाले खाद्य पदार्थों को नजरअंदाज करना ऐसी आदतें हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए।

इसके साथ ही Vitamin C वाले खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना और संतुलित डाइट लेना आयरन के बेहतर उपयोग में मदद कर सकता है। महिलाओं में बहुत ज्यादा मासिक रक्तस्राव को सामान्य मानकर छोड़ना भी सही नहीं है, क्योंकि लगातार रक्त की कमी शरीर के आयरन भंडार को प्रभावित कर सकती है।

अगर आपको लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसे लक्षण हैं, तो केवल अपनी lifestyle बदलने या खुद से आयरन की गोलियां लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। आयरन की कमी का सही इलाज तभी संभव है जब उसकी वजह भी समझी जाए। (nhs.uk)

Ashish

I am Ashish Nalawad, a B. Pharmacy graduate with 10 years of experience in the pharmaceutical industry and 4 years of experience in health and wellness content writing. My background in pharma has given me strong knowledge of medicines, safety standards, and evidence-based healthcare practices.

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