शाम होते ही कुछ हल्का-फुल्का खाने का मन होना बिल्कुल सामान्य है। ऑफिस से लौटते समय सड़क किनारे की खुशबू, गरमा-गरम नाश्ते की दुकान या चाय के साथ कुछ खाने की इच्छा को रोकना हर किसी के लिए आसान नहीं होता।
समस्या बाहर खाने में नहीं है, बल्कि हर बार क्या चुना जा रहा है, इसमें है।
समोसा, कचौरी, वडा-पाव, पकोड़े और बहुत ज्यादा तला हुआ खाना कभी-कभार खाने में कोई खास समस्या नहीं है। लेकिन अगर शाम की भूख मिटाने के लिए रोज इन्हीं चीजों पर निर्भरता हो जाए, तो भोजन में तेल, नमक और कैलोरी काफी बढ़ सकती है।
अच्छी बात यह है कि बाहर भी कुछ ऐसे विकल्प मिल जाते हैं जो पेट भरने के साथ-साथ अपेक्षाकृत बेहतर पोषण दे सकते हैं। FSSAI की healthy snacking guidance में भी फल, बिना नमक के भुने मेवे और चने, अंकुरित अनाज, मखाना, इडली, ढोकला, उबला अंडा और ग्रिल्ड पनीर जैसे विकल्प शामिल किए गए हैं। (FSSAI)
तो अगली बार शाम को बाहर कुछ खाने का मन हो, इन विकल्पों पर नजर डाल सकते हैं।
शाम को बाहर खाना हो तो Healthy Snack कैसा होना चाहिए?
Healthy snack का मतलब यह नहीं है कि वह बिल्कुल स्वादहीन या बहुत कम मात्रा वाला हो।
शाम का नाश्ता ऐसा होना चाहिए जिससे थोड़ी देर के लिए भूख शांत हो, लेकिन रात के खाने की भूख पूरी तरह खत्म न हो जाए। साथ ही उसमें प्रोटीन, फाइबर या दूसरे पोषक तत्वों का कुछ योगदान होना अच्छा है।
बाहर खाते समय एक और चीज बहुत महत्वपूर्ण है—खाने की स्वच्छता। एक पौष्टिक दिखने वाला भोजन भी अगर खराब तरीके से रखा गया है या साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया है, तो परेशानी पैदा कर सकता है। WHO और FSSAI दोनों street food में hygiene और safe food handling को महत्वपूर्ण मानते हैं। (FSSAI)
1. भुना हुआ चना
शाम की भूख के लिए भुना हुआ चना एक बेहद आसान और किफायती विकल्प है।
चना प्रोटीन और फाइबर देता है, इसलिए केवल चाय और बिस्कुट की तुलना में यह ज्यादा संतोषजनक snack हो सकता है। इसे थोड़ा नींबू, प्याज और टमाटर के साथ मिलाकर चना चाट भी बनाई जा सकती है।
बाहर से चना लेते समय ध्यान रखें कि उसमें बहुत ज्यादा नमक, सेव या तली हुई चीजें न डाली गई हों।
अगर आपका उद्देश्य वजन नियंत्रित रखना है, तो साधारण भुना चना चाट का एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
2. स्प्राउट्स चाट
अंकुरित मूंग या दूसरे अंकुरित अनाज से बनी चाट शाम के समय खाने के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है।
इसमें अंकुरित दाल के साथ प्याज, टमाटर, खीरा, धनिया और नींबू मिलाकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है। इससे snack में फाइबर और पौधों से मिलने वाला प्रोटीन भी शामिल हो जाता है।
लेकिन यहां भी चटनी और सेव की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। कई बार एक healthy दिखने वाली चाट में ज्यादा नमक, मीठी चटनी और तली हुई सेव डालने से उसका पूरा nutritional balance बदल जाता है।
इसलिए स्प्राउट्स ज्यादा और तली हुई toppings कम रखना बेहतर है।
3. इडली
अगर बाहर शाम को इडली मिल रही है, तो यह तले हुए snacks की तुलना में अच्छा विकल्प हो सकता है।
इडली भाप में पकाई जाती है और इसे सांभर के साथ खाने पर भोजन में दाल से मिलने वाला प्रोटीन भी जुड़ जाता है।
सिर्फ इडली खाने की बजाय अगर सांभर भी लिया जाए तो snack ज्यादा संतोषजनक बन सकता है।
नारियल की चटनी स्वादिष्ट होती है, लेकिन अगर आप कैलोरी पर ध्यान दे रहे हैं तो उसकी मात्रा थोड़ी सीमित रख सकते हैं।
4. ढोकला
ढोकला शाम की भूख के लिए एक और practical विकल्प है।
यह भाप में तैयार किया जाता है और आमतौर पर समोसे या पकोड़े की तरह deep-fried नहीं होता। इसे चटनी के साथ लिया जा सकता है।
ढोकला चुनते समय बहुत ज्यादा तेल वाली तड़का लगी हुई मात्रा लेने की जरूरत नहीं है।
अगर आपको शाम को चाय के साथ कुछ हल्का खाने की आदत है, तो बिस्कुट और नमकीन की जगह कुछ टुकड़े ढोकले का विकल्प बनाया जा सकता है।
5. उबला हुआ अंडा
अगर आप अंडा खाते हैं, तो शाम के समय उबला हुआ अंडा एक सरल और protein-rich विकल्प है।
अंडे से अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोटीन मिलता है और इसे बनाने के लिए ज्यादा तेल की जरूरत नहीं होती।
बाहर कुछ जगहों पर उबले अंडे प्याज, टमाटर, नींबू और मसालों के साथ मिल जाते हैं। यहां ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा नमक और मसाला डालने की जरूरत नहीं है।
अगर आपको शाम को जल्दी भूख लग जाती है, तो केवल चाय और नमकीन की तुलना में अंडा ज्यादा देर तक पेट भरा महसूस कराने में मदद कर सकता है।
6. भुट्टा
शाम के समय सड़क किनारे मिलने वाला भुना हुआ भुट्टा भी अच्छा विकल्प हो सकता है।
भुट्टा खाने में स्वादिष्ट होने के साथ कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भी देता है। नींबू और थोड़े मसाले के साथ इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
यहां भी एक छोटी सी बात ध्यान देने वाली है। अगर भुट्टे पर बहुत ज्यादा नमक और मक्खन लगाया जा रहा है, तो उसकी मात्रा नियंत्रित रखें।
सादा या हल्के मसाले वाला भुना भुट्टा रोजमर्रा के लिए ज्यादा simple choice है।
7. मखाना
मखाना आजकल सिर्फ घर में खाने वाला snack नहीं रहा। कई जगह roasted makhana भी मिलने लगा है।
सादा या हल्का मसाला लगा हुआ roasted makhana शाम की भूख के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें crunch भी मिलता है, इसलिए chips या नमकीन खाने की इच्छा को कुछ हद तक पूरा कर सकता है।
लेकिन packaged या बाहर मिलने वाले मखाने में नमक और तेल की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। इसलिए बहुत ज्यादा मसालेदार या तेल वाला विकल्प लेने से बचना बेहतर है।
8. पनीर टिक्का
अगर आप शाम को कुछ ज्यादा filling खाना चाहते हैं, तो grilled या tandoori paneer एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
पनीर से प्रोटीन मिलता है और अगर इसे grill या tandoor में कम तेल के साथ तैयार किया गया हो, तो यह deep-fried snack की तुलना में बेहतर choice हो सकता है।
इसके साथ प्याज, शिमला मिर्च और दूसरी सब्जियां मिल जाएं तो snack और ज्यादा संतुलित हो सकता है।
लेकिन हर “paneer tikka” को automatically healthy समझना सही नहीं है। अगर उसमें बहुत ज्यादा मक्खन, तेल या creamy sauce इस्तेमाल किया गया है, तो calories काफी बढ़ सकती हैं।
9. फ्रूट चाट
अगर आपको शाम को कुछ हल्का और fresh खाना है, तो fruit chaat अच्छा विकल्प है।
सेब, पपीता, अमरूद, संतरा, अनार या मौसम के दूसरे फलों से इसे बनाया जा सकता है।
फल फाइबर और कई vitamins तथा minerals देते हैं, इसलिए मिठाई या packaged snack की जगह fruit chaat लेना एक अच्छा बदलाव हो सकता है।
बस इसमें बहुत ज्यादा चीनी, मीठी चटनी या नमकीन डालने की जरूरत नहीं है। फल का अपना स्वाद ही काफी होता है।
10. ग्रिल्ड या भुना हुआ चिकन
अगर आप मांसाहारी भोजन करते हैं और शाम को कुछ protein-rich खाना चाहते हैं, तो grilled या roasted chicken एक विकल्प हो सकता है।
यह deep-fried chicken की तुलना में बेहतर choice हो सकता है, खासकर जब उसमें बहुत ज्यादा तेल या creamy sauce न हो।
चिकन के साथ सलाद या सब्जियां मिल जाएं तो snack अधिक संतुलित हो जाता है।
लेकिन portion का ध्यान रखें। शाम का snack इतना बड़ा न हो कि रात के भोजन की जरूरत ही महसूस न हो।
बाहर शाम को क्या खाना बेहतर है? एक नजर में
| Snack | क्यों चुन सकते हैं? | क्या ध्यान रखें? |
|---|---|---|
| भुना चना | प्रोटीन और फाइबर | ज्यादा नमक और सेव न डालें |
| स्प्राउट्स चाट | फाइबर और पौधों का प्रोटीन | तली हुई toppings कम रखें |
| इडली | भाप में पकाई जाती है | सांभर के साथ लें |
| ढोकला | हल्का steamed snack | ज्यादा तड़का और चटनी से बचें |
| उबला अंडा | अच्छा प्रोटीन स्रोत | नमक सीमित रखें |
| भुट्टा | फाइबर और स्वाद | ज्यादा मक्खन-नमक न लें |
| मखाना | हल्का crunchy snack | ज्यादा तेल-मसाला न हो |
| पनीर टिक्का | प्रोटीन और filling | मक्खन और creamy sauce कम |
| फ्रूट चाट | फल और फाइबर | चीनी और मीठी चटनी न डालें |
| ग्रिल्ड चिकन | प्रोटीन से भरपूर | deep-fried विकल्प से बचें |
शाम को चाय के साथ क्या खाएं?
भारत में शाम की चाय और snack की आदत बहुत आम है। समस्या चाय से ज्यादा उसके साथ रोज खाए जाने वाले snacks में हो सकती है।
अगर रोज चाय के साथ बिस्कुट, नमकीन, पकौड़े या समोसा लिया जाता है, तो धीरे-धीरे अतिरिक्त कैलोरी और नमक-तेल का सेवन बढ़ सकता है।
इसके बजाय कुछ दिनों में भुना चना, मखाना, उबला अंडा, फल या हल्का ढोकला लिया जा सकता है।
और अगर आपको समोसा या वडा-पाव बहुत पसंद है, तो उसे पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। रोज खाने की जगह कभी-कभार खाना और portion छोटा रखना ज्यादा practical approach है।
बाहर Street Food खाते समय इन बातों का ध्यान रखें
Healthy food चुनना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि वह साफ-सफाई से तैयार और परोसा गया हो।
बाहर खाते समय ऐसी दुकान चुनें जहां ग्राहक ज्यादा हों और खाना ताजा तैयार होता दिखाई दे। बहुत देर से खुले में रखा हुआ खाना लेने से बचें।
खाने की जगह के आसपास गंदा पानी, कचरा, मक्खियों की बहुतायत या खुले में रखा हुआ भोजन दिखाई दे तो दूसरी जगह जाना बेहतर है।
अगर कोई दुकान साफ-सफाई पर ध्यान देती है और खाना ढककर रखती है, तो वह सामान्य तौर पर बेहतर संकेत है। FSSAI ने भी street food की hygiene और safety सुधारने के लिए Clean Street Food जैसे कार्यक्रम चलाए हैं। (FSSAI)
किन Street Foods को रोज शाम खाने से बचना चाहिए?
समोसा, कचौरी, पकोड़े, वडा-पाव, भटूरा, पूरी और बहुत ज्यादा तले हुए snacks स्वादिष्ट जरूर होते हैं, लेकिन इन्हें रोज शाम की आदत बनाना अच्छा विचार नहीं है।
इन खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले तेल की मात्रा और पकाने की प्रक्रिया के कारण calories काफी बढ़ सकती हैं। Street food में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता और बार-बार गर्म किए गए तेल की समस्या भी food safety का विषय है। (FSSAI)
इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपनी पसंद की चीजें हमेशा के लिए छोड़ देनी चाहिए। बेहतर तरीका है कि इन्हें कभी-कभार का आनंद रखें, रोज की भूख मिटाने का मुख्य साधन नहीं।
अगर वजन कम करना है तो शाम को क्या खाएं?
वजन कम करने के दौरान शाम का snack पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। असली बात है कि snack ऐसा हो जो भूख को संभाल सके और आपकी कुल daily calorie जरूरत के भीतर रहे।
ऐसे में भुना चना, स्प्राउट्स चाट, फल, उबला अंडा, मखाना या बिना ज्यादा तेल वाला ढोकला जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं।
अगर आपको शाम को बहुत ज्यादा भूख लगती है, तो सिर्फ चाय और दो बिस्कुट लेने के बजाय protein और fiber वाला snack लेना ज्यादा संतोषजनक हो सकता है।
अगर रात का खाना देर से होता है तो क्या खाएं?
अगर रात का खाना 9 या 10 बजे होता है और शाम 5–6 बजे ही भूख लग जाती है, तो snack लेना बिल्कुल सामान्य है।
ऐसे समय बहुत भारी या deep-fried भोजन लेने की बजाय हल्का लेकिन संतोषजनक विकल्प चुनें।
उदाहरण के लिए एक फल के साथ कुछ roasted chana, उबला अंडा, थोड़ा sprouts या हल्का ढोकला लिया जा सकता है।
इससे शाम की भूख भी संभल सकती है और रात के खाने के समय जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना भी कम हो सकती है।
Healthy Street Food का मतलब क्या हर जगह Healthy होता है?
नहीं।
किसी food का नाम healthy होने से वह हर जगह healthy नहीं हो जाता। उदाहरण के लिए sprouts चाट अच्छी choice हो सकती है, लेकिन अगर उसमें बहुत ज्यादा सेव, मीठी चटनी और नमक डाल दिया जाए तो उसका nutritional profile बदल जाएगा।
इसी तरह पनीर टिक्का अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन अगर उसमें बहुत ज्यादा मक्खन और creamy sauce इस्तेमाल किया गया हो तो वह काफी calorie-dense हो सकता है।
इसलिए बाहर खाना चुनते समय food के नाम से ज्यादा उसकी preparation और portion पर ध्यान दें।
निष्कर्ष
शाम को बाहर खाना है तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर बार समोसा, पकोड़ा या वडा-पाव ही चुनना पड़ेगा। थोड़ी समझदारी से आप बाहर भी ऐसे snacks चुन सकते हैं जो स्वाद के साथ पोषण भी दें।
भुना चना, स्प्राउट्स चाट, इडली, ढोकला, उबला अंडा, भुट्टा, मखाना, पनीर टिक्का, फ्रूट चाट और grilled chicken जैसे विकल्प आपकी पसंद और डाइट के अनुसार अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
सबसे जरूरी बात है portion, preparation और hygiene। कभी-कभार पसंदीदा तला हुआ snack खाना अलग बात है, लेकिन रोज शाम की भूख के लिए उसे आदत बना लेना बेहतर नहीं है।
अगली बार शाम को बाहर कुछ खाने का मन हो तो सिर्फ यह मत सोचिए कि “क्या स्वादिष्ट है?” एक सवाल और पूछिए—“इनमें से कौन-सा विकल्प मुझे स्वाद के साथ बेहतर पोषण भी देगा?” यही छोटी सी आदत आपकी रोज की eating routine को काफी बेहतर बना सकती है।













